News

भू-माफिया का बचना अब मुश्किल, भू-माफिया कमला शंकर के खिलाफ आयोग हुआ सख्त, बेसिक शिक्षा अधिकारी पर लगाया 25000 का अर्थ दंड!

भू-माफिया पर शिकंजा: सूचना आयोग सख्त, शिक्षा विभाग पर सवाल

भदोही में अवैध कब्जे का खेल, अब जवाबदेही से भाग रहे अधिकारी, भदोही जनपद के ज्ञानपुर तहसील में सक्रिय भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मामला अब इतना गंभीर हो चुका है कि उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर ₹25,000 का अर्थदंड लगाया है और वेतन से कटौती का आदेश भी दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य है, अन्यथा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस पूरे मामले में आरोप है कि भू-माफिया ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण कराया और उसी के जरिए बेसिक शिक्षा विभाग से विद्यालय की मान्यता भी प्राप्त कर ली। जबकि नियमों के अनुसार बिना वैध रजिस्ट्री के किसी भी विद्यालय को मान्यता नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद एक ही परिसर में तीन-तीन विद्यालयों की मान्यता मिलना विभागीय मिलीभगत की ओर संकेत करता है।शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार शिकायत करने के बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई। लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा जानकारी देने से बचने की कोशिश की गई, जिससे संदेह और गहरा गया। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जन सूचना अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और सुनवाई के लिए तिथि भी निर्धारित की है।मामले में यह भी सामने आया है कि भू-माफिया और उसके गिरोह ने ग्राम समाज, तालाब, पंचायत भवन सहित कई सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर रखा है। इतना ही नहीं, दलित और कमजोर वर्गों की जमीनों पर भी कब्जे के आरोप लगे हैं। प्रशासनिक स्तर पर इन मामलों की जांच जारी है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई का अभाव सवाल खड़े कर रहा है।इस पूरे घटनाक्रम ने बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आरोप है कि विभाग में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी चरम पर है, जहां नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से मान्यता दी जा रही है। स्थानीय लोगों ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।अब देखना यह होगा कि सूचना आयोग के सख्त निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग क्या जवाब देता है और क्या इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल, आयोग के हस्तक्षेप से पूरे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और भू-माफिया से जुड़े लोग दबाव में नजर आ रहे हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *