पुलिस अधिकारी के उस बयान, “जो मां की दूध पीया हों वो धरना प्रदर्शन कर के दिखाएं”इसको लेकर सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी
संयम भारत संवाददाताप्रयागराज।करक्षना के पुलिस अधिकारी ने जो बयान जारी किया जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है, बताते चलें कि पिछले दिन प्रयागराज के करक्षना के एक पुलिस अधिकारी ने प्रो रज्जू भैया विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन चल रहा है जिसमें पुलिस अधिकारी कूद पड़े और उन्होंने पुलिस नियमावली के विरुद्ध बयान जारी कर दिया जिसको लेकर सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं समाज में बवाल मचा हुआ है। पुलिस अधिकारी का बयान जो मां का दुध पिया हों वो धरना प्रदर्शन कर के दिखाएं, वाले बयान पर बवाल मचा है। जींस को लेकर के समाजसेवी एवं अधिवक्ता ने आरटीआई भी फाइल कर दी है। और उन्होंने कहा कि वो ताकत का परीक्षण किस अधिकार के अंतर्गत प्राप्त है इसको लेकर सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सूचना मांगी गई है, सहायक पुलिस आयुक्त करछना सुनील कुमार सिंह के द्वारा छात्र नेता संदीप सिंह पटेल के संबंध कहा गया था। तुम्हारी मां ने दूध पिलाया है तो आ जाना इसके संबंध में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्याम बिहारी त्रिपाठी ने सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पुलिस कमिश्नर प्रयागराज से सूचना मांगी है की किस कानून के अंतर्गत पुलिस को किसी के मां के दूध का परीक्षण का अधिकार है|पुलिस कमिश्नर प्रयागराज द्वारा सहायक पुलिस आयुक्त को किस निर्देश अथवा आदेश के अंतर्गत किसी महिला के दूध के परीक्षण का अधिकार दिया गया है इसके संबंध में सूचना मांगी गई है।

