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उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार की आवाज उठाने वालों की हत्याएं क्यों ?

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार की आवाज उठाने वालों की हत्याएं क्यों ?

योगी सरकार का बुलडोजर कब गरजेगा ऐसे माफियाओं के खिलाफ

पत्रकारों और आम लोगों पर क्यों बढ़ रहा जान का खतरा

भदोही में क्यों की गईं कमलाकांत दुबे की हत्या

भू-माफियाओं का मुँह क्यों नहीं नोंचता बाबा का बुलडोजर

संयम भारत कार्यालय. सं.। उत्तर प्रदेश में क़ानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की नीतियों आम लोगों को बेहद पसंद आती हैं, लेकिन सच्चाई भी यह है कि भ्र्ष्टाचार और गलत लोगों के खिलाफ आवाज उठाने वाले ऐसे लोगों का शिकार बन रहे हैं जिन्हें किसी सरकार और कानून का भय फिलहाल नहीं दिखता है। भदोही इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है जहाँ एक ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्र्ष्टाचार की शिकायत करने पर कमलाकांत दुबे की आर्टिगा से कुचल कर बुधवार की रात हत्या कर दी जाती है। इसके अलावा सीतापुर, लखनऊ, प्रयागराज, आदि जगहों पर पत्रकार की हत्या से भी सवाल उठता है।भदोही में बुधवार की रात धसकरी गाँव में ग्राम प्रधान मनीष यादव के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की शिकायत करने पर बुधवार की रात मेडिकल स्टोर्स संचालक कमलाकांत दुबे की आर्टिगा कार से धक्का मार कर हत्या कर दी गईं। पुलिस सीसी फुटेज के आधार पर आरोपी ग्राम प्रधान समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। क्या इस तरह के जघन्य अपराध सजा सिर्फ इतनी है। क्या ऐसे दबंग लोगों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन होगा।भदोही कोतवाली के धसकरी गाँव में कमलाकान्त दुबे मेडिकल स्टोर्स संचालित करते थे। बुधवार की रात दवा की दुकान को बंद कर घर जा रहे थे इसी दौरान एक आर्टिगा कार मुख्य सड़क से उनके दुकान पर चढ़ कर धक्का मार दिया। ईलाज के लिए परिजन उन्हें अस्पताल लेकर जा रहे थे इसी दौरान उन्होंने रास्ते में दमतोड़ दिया।प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में कुछ दिन पूर्व मीडियाकर्मी 50 वर्षीय एल.एन. सिंह उर्फ पप्पू की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थीं। यह वारदात धरनास्थल पुलिस चौकी के पास स्थित हर्ष होटल के सामने रात करीब 10.30 बजे हुई, जहां पप्पू पर अचानक हमला कर दिया गया। लहूलुहान हालत में उन्हें एसआरएन अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलांकि एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ अजयपाल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने एक हत्यारोपी विशाल को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली भी लगी थीं। क्या एक पत्रकार के जान की क़ीमत सिर्फ इतनी है।प्रयागराज में पत्रकार हत्याकांड के बाद भदोही में भी पत्रकारों के ऊपर जानलेवा हमले का खतरा मडरा रहा है। भदोही जनपद का चर्चित भू माफिया कमला शंकर मिश्रा जो कि अपराधी माफिया सरगना के लिए काम करता है। उसके खिलाफ लगातार समाचार प्रकाशित होने के कारण वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री के ऊपर ज्यादा खतरा है। पत्रकार का आरोप है कि भू-माफिया कमला शंकर पत्रकार शास्त्री के ऊपर कभी भी जानलेवा हमला करवा सकता है। क्योंकि वे लगातार उसके विरुद्ध समाचार प्रकाशित हो रहा हैं। भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा अपने विरुद्ध छप रही खबरों के कारण बौखलाया हुआ है। प्रशासन ने अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की तो प्रयागराज की तरह भदोही जनपद में भी इस तरह की दूसरी वारदात हो सकती है। सम्मानित लोगों ने मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के आला अधिकारियों को पत्र भेजकर पत्रकार शास्त्री की सुरक्षा की मांग की है। सवाल उठता है कि पत्रकार या आम लोग जो इंसाफ, भ्र्ष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं वे सुरक्षित नहीं हैं। बाहुबली, माफिया भारी पड रहे हैं। जिसकी वजह से इस तरह की लड़ाई लड़ने वाले कमजोर पड़ रहे हैं। व्यवस्था में बैठे अधिकांश जिम्मेदार लोग ऐसे गलत लोगों का साथ दे रहे हैं जिससे भ्र्ष्टाचार की लड़ाई कमजोर पड़ रहीं है। सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ भी बुलडोजर की सख्त कार्रवाई होनीचाहिए।

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