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सिपाही भर्ती में आयु-सीमा छूट वापस लेने पर हाईकोर्ट सख्त, भर्ती बोर्ड से जवाब तलब!

सिपाही भर्ती में आयु-सीमा छूट खत्म करने पर हाईकोर्ट सख्त, अधिवक्ता ऋषभ केसरवानी की पैरवी पर भर्ती बोर्ड से जवाब तलब!

विधि संवाददाता

प्रयागराज, राज्य सरकार द्वारा सिपाही भर्ती में होमगार्ड अभ्यर्थियों को दी गई 3 वर्ष की आयु-सीमा छूट को अचानक समाप्त किए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है, कोर्ट ने भर्ती बोर्ड से इस निर्णय पर जवाब तलब किया है, इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ऋषभ केसरवानी ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभ्यर्थियों का पक्ष रखा।

मामला 32,679 सिपाही एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती से जुड़ा है, राज्य सरकार ने दिनांक 05 जनवरी 2026 को होमगार्ड श्रेणी के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया था, इस निर्णय के बाद बड़ी संख्या में होमगार्ड अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी की।

इसके बाद 22 जनवरी 2026 को भर्ती बोर्ड ने अचानक इस आयु-सीमा छूट को समाप्त कर दिया, जिससे अनेक होमगार्ड अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित हो गए, इस फैसले से प्रभावित अभ्यर्थियों में भारी असंतोष देखने को मिला।

इस निर्णय के खिलाफ शिवम सिंह समेत 22 अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ऋषभ केसरवानी ने कोर्ट में तर्क रखते हुए कहा कि जब राज्य सरकार पहले ही आयु-सीमा में छूट देने का निर्णय ले चुकी है और अभ्यर्थियों ने उसी आधार पर आवेदन भी कर दिया, तो भर्ती बोर्ड द्वारा अचानक उस छूट को समाप्त करना मनमाना और असंवैधानिक है।

अधिवक्ता ऋषभ केसरवानी ने यह भी दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया के बीच में नियमों में इस प्रकार का बदलाव अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है और उनके वैध अधिकारों का हनन करता है, उन्होंने कोर्ट से भर्ती बोर्ड के इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की।

मामले की सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकलपीठ ने भर्ती बोर्ड से जवाब तलब किया है और अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की है, अधिवक्ता ऋषभ केसरवानी की पैरवी के बाद कोर्ट के इस रुख से प्रभावित अभ्यर्थियों में राहत की उम्मीद जगी है।

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