मंगलवार, मार्च 24, 2026
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डीएफसीसीआईएल के निदेशक,परिचालन और व्यवसाय विकास ने नए डिजिटल युग के स्टेशन मास्टर रूम की परिकल्पना एवं व्यवसाय को जोड़ने हेतु न्यू मनौरी स्टेशन का किया निरिक्षण

प्रयागराज, संयम भारत, शोभित भटनागर ने ईडीएफसी के अपने दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान दिनांक 16.04.24 को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के साथ न्यू करछना से न्यू पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन तक प्रयागराज पूर्व इकाई का निरीक्षण किया।


इसके अलावा उन्होंने दिनांक 17.04.24 को अपने निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रयागराज (पश्चिम) के न्यू मनौरी स्टेशन का भी निरीक्षण किया ।
उन्होंने डीएफसी रेलवे पर ट्रेनों की सुरक्षित, सुचारू और तेज आवाजाही के लिए स्टेशन मास्टर कक्ष के डिजिटलीकरण और कमरे में विश्व स्तरीय प्रणाली प्रदान करने की कल्पना की।उन्होंने स्टेशन मास्टर के वीडियो पैनल पर उपलब्ध सभी कार्यों की जांच की, साथ ही सहायक ट्रांसफार्मर आपूर्ति की उपलब्धता, रिले हट रूम खोलने, क्रैंक हैंडल कुंजी जारी करने आदि के संकेत देने वाले उपकरणों की भी जांच की ।उन्होंने स्टेशन मास्टर के वीडियो पैनल पर उपलब्ध सभी इंडिकेशन दिखने वाले एमर्जेन्सी काउंटर्स , सुरक्षा उपकरण की जांच की और सहायक ट्रांसफार्मर आपूर्ति की उपलब्धता, रिले हट रूम खोलने, क्रैंक हैंडल कुंजी आदि के संकेत दिखाने वाले ऑपरेशन्स का जायजा लिया ।
श्री शोभित भटनागर, निदेशक (परिचालन और व्यवसाय विकास) 1992 बैच के भारतीय रेलवे यातायात सेवा के अधिकारी हैं, जिनके पास सूचना प्रौद्योगिकी, वाणिज्यिक और संचालन में व्यापक अनुभव है। इससे पहले उन्होंने कॉनकोर में जीजीएम (वाणिज्यिक एवं परिचालन), मुख्य माल ढुलाई परिवहन प्रबंधक (सीएफटीएम) के साथ-साथ उत्तर पश्चिम रेलवे में मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक (सीपीटीएम) के रूप में कार्य किया है। उन्होंने सीएफटीएम पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के रूप में भी कार्य किया। वह उत्तर रेलवे में उप मुख्य परिचालन प्रबंधक (डीसीओएम) माल परिचालन सूचना प्रणाली (एफओआईएस) और रेलवे बोर्ड में कंप्यूटरीकरण एवं सूचना प्रणाली (सीआरआईएस) के निदेशक रहे हैं। श्री शोभित भटनागर उस टीम का हिस्सा थे जिसने 1999-2000 में एफओआईएस का प्रोटोटाइप विकसित किया था जहां उन्होंने प्रोटोटाइप एप्लिकेशन को प्रोग्राम किया था।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के सभी स्टेशनों पर गुडशेड होना चाहिए जो अधिक कार्गो व्यवसायों को आकर्षित करेगा और छोटे व्यवसायों और किसानों को कम अवधि में अपनी सामग्री के परिवहन में मदद करने में वरदान साबित होगा। इस दौरे में डीएफसीसीआईएल में निर्माण चरण से संचालन चरण की और रुख करते हुए, जीसीटी टर्मिनलों के निर्माण और इसके संयंत्र या विनिर्माण इकाई के परिसर में रेलवे कार्गो सेवाओं के लिए ग्राहकों द्वारा अपनी लागत पर निर्मित निजी स्वामित्व वाली साइडिंग को आसान बनाने पर अधिक ध्यान केंद्रित करना, ग्राहक के कार्यों को रेलवे प्रणाली से जोड़ने के लिए उत्पादन इकाई आदि पर चर्चा हुई ।
उन्होंने बताया कि न्यू मनौरी में उपलब्ध भूमि को गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) के लिए परिवर्तित किया जा सकता है, जो कौशांबी , प्रयागराज पश्चिमी क्षेत्र के विक्रेताओं को खाद्यान्न, उर्वरक, सीमेंट और पार्सल सेवाओं में बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय जनता के लिए मददगार होगा। साथ ही प्रयागराज एयर बेस के साथ अच्छी रोड कनेक्टिविटी के कारण पार्सल यातायात और सैन्य यातायात में वृद्धि की भी कल्पना की गई है। इस सम्बन्ध में सभी संबंधित हितधारकों को मामले को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मन्नू प्रकाश दुबे, अपर महाप्रबंधक परिचालन एवं व्यवसाय विकास, प्रयागराज, अखिलेश कुमार, उप मुख्य महाप्रबंधक, इंजीनियरिंग,अशोक कुमार सिन्हा, प्रबंधक संचालन, नितिन मोहिन्द्रू सहायक प्रबंधक संचालन, अखिलेश कुमार, वरिष्ठ कार्यकारी संचालन, और अनुभाग प्रभारी अनिल कुमार पांडे सहित डीएफसीसीआईएल के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे ।

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