प्रयागराज विकास प्राधिकरण की पैनल एडवोकेट नियुक्त हुईं एडवोकेट आर्या गौतम
इलाहाबाद | 30 दिसंबर 2025 प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने विधि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एडवोकेट आर्या गौतम को अपने पैनल एडवोकेट के रूप में नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के पश्चात अब एडवोकेट आर्या गौतम प्रयागराज विकास प्राधिकरण को विधिक परामर्श (लीगल एडवाइज) प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न न्यायालयों में प्राधिकरण की ओर से मुकदमों की प्रभावी पैरवी करेंगी।
एडवोकेट आर्या गौतम एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार से आती हैं। वह वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम की सुपुत्री हैं और विधि क्षेत्र में अपनी मेहनत, लगन एवं प्रतिभा के बल पर एक सशक्त पहचान स्थापित कर चुकी हैं। उनकी नियुक्ति को प्राधिकरण द्वारा भरोसे और विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
नियुक्ति के संबंध में प्रयागराज विकास प्राधिकरण के विधि अधिकारी द्वारा पत्र के माध्यम से एडवोकेट आर्या गौतम को औपचारिक रूप से सूचित किया गया है। यह नियुक्ति प्रयागराज विकास प्राधिकरण, प्रयागराज के उपाध्यक्ष (वीसी) के अनुमोदन के पश्चात की गई है।

शैक्षणिक उपलब्धियों की बात करें तो एडवोकेट आर्या गौतम ने मुंबई यूनिवर्सिटी से बीबीए एलएलबी (BBA LL.B.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। वह वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन (WIPO) मूट कोर्ट प्रतियोगिता, जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। साथ ही इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (IBA ICC) मूट कोर्ट प्रतियोगिता, नीदरलैंड में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
एडवोकेट आर्या गौतम की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अनेक वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की है। अधिवक्ताओं विनोद कुमार मिश्रा, देवेश मिश्रा, श्याम शरण, माधव पाण्डेय, शुभम त्रिपाठी, अम्बुज मौर्या, दिव्यज्योति, ईशान राहुल, सौन्दर्या गिरि, प्रत्यूष श्रीवास्तव, शिशिर कुमार, वैष्णवीं श्रीवास्तव, संयम तिवारी, ऋषभ केसरवानी, अम्बरीश चटर्जी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।कानूनी जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि एडवोकेट आर्या गौतम की नियुक्ति से प्रयागराज विकास प्राधिकरण को मजबूत और प्रभावी विधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे प्राधिकरण के हितों की बेहतर रक्षा संभव हो सकेगी।

