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बिहार के प्रचंड बहुमत ने केंद्र सरकार को नई ऊर्जा और मजबूती दी

संयम भारत व्यूरो,बिहार के विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को मिले प्रचंड बहुमत ने‌ केंद्र‌ सरकार और भाजपा को एक नई शक्ति ऊर्जा के साथ मजबूती मिली है वहीं विपक्षी दलों के लिए एक मुश्किल चुनौती का सामना करने की‌ तैयारी करनी होगी।बिहार की विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‌ एनडीए के समर्थन में प्रचंड बहुमत हासिल कर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज कराई गई है । 243 सीटों में से 202 एनडीए गठबंधन को मिली है ‌ जिससे विपक्ष को करारा झटका लगा है ‌ वहीं बिहार में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने उभरी है। बीजेपी ने 89,सीट जीतकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। पूरा विपक्ष 41 सीटों में सिमट कर रह गया।मतदाताओं के बीच हिंदूत्व और राष्ट्रवाद के साथ विकास और सुशासन का मुद्दा भी मुख्य रहा। विपक्ष के थोथले वायदों को पूरी तरह नकार दिया गया यह भी बदलते परिवेश में मतदाताओं की जागरूकता का परिचायक है। जिसने विपक्षी दलों को बुरी तरह धूल चटाने हैं काम किया है। एनडीए की ऐतिहासिक जीतने भारतीय जनता पार्टी के साथ एन डी ए गठबंधन को एक नई मजबूती मिली जो गठबंधन को एक नई ऊर्जा और नई दिशा देने का काम करेगी गठबंधन से जुड़े कार्यकर्ताओं में एक नया आत्मविश्वास ‌मिला है ।भारतीय जनता पार्टी के मजबूत नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की समर्पण कार्य क्षमता के भरोसे पार्टी की 2029 के आगामी लोकसभा चुनाव के लिए मजबूत स्थिति बनी है। भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और मजबूती को देखते हुए एनडीए गठबंधन को भी एक नई मजबूती मिलेगी। वहीं विपक्ष के सामने स्थित चुनौती बन गई है। विपक्षी दलों के सामने बिहार में करारा झटका लगने के बाद उनकी एकता को भी खतरा हो सकता है क्योंकि सभी दलों के क्षेत्र वाद के हिसाब से अपने-अपने एजेंडा हैं। जो एनडीए के लिए चुनौती देने मैं मुश्किल पेश करते हैं । एन डी ए गठबंधन की चुनौती के लिए विपक्षी दलों को मजबूती के साथ प्रभावी राजनीतिक एजेंडा पर भी सुधार करना होगा।लेखक, द्विजेंद्र मोहन शर्मा वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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