भूमाफिया का आतंक: दिव्यांग दलित की मौत के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कार्रवाई की उठी मांग
विशेष संवाददाता संयम भारत, भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील में भूमाफिया कमला शंकर मिश्रा के अवैध कब्जों और दबंगई की कथा अब भयावह रूप ले चुकी है। तेज बहादुर सिंह आदि के बगीचे सहित कई किसानों की जमीनों पर अवैध कब्ज़ा करने के आरोपों के बीच अब एक दिव्यांग दलित की मौत से पूरा क्षेत्र शोक और आक्रोश में डूबा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से चल रहे अत्याचारों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह स्थिति पैदा हुई है।ज्ञानपुर तहसील के ग्रामीण बताते हैं कि कमला शंकर मिश्रा ने न केवल किसानों की बगीचे की जमीन पर कब्जा किया, बल्कि वहां अवैध तरीके से मकान भी बना लिया। विरोध करने वाले किसानों को डराया-धमकाया गया और उन्हें मौके से भगा दिया गया। भूमि विवाद से जुड़े झूठे, फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर कई किसानों की पैतृक जमीनों पर कब्जा कर लेने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में कुछ स्थानीय राजस्व कर्मियों की मिलीभगत भी रही है।इसी भू-माफिया के अत्याचारों ने दिव्यांग दलित मल्लू का जीवन भी छीन लिया। ग्रामीणों का कहना है कि मल्लू अपनी जमीन वापस पाने के लिए पिछले कई वर्षों से संघर्ष कर रहा था। दर्जनों जगह पत्र भेजने, शिकायतें दर्ज कराने और अधिकारियों से न्याय की मांग करने के बाद भी उसकी पुकार अनसुनी रही। आरोप है कि भू-माफिया की ऊँची पहुँच के चलते हर बार उसकी अर्जी दबा दी गई और म mallu लगातार सदमे और अवसाद में जीने को मजबूर हो गया।स्थिति तब और बिगड़ गई जब हाल ही में मल्लू के बेटे से कमला शंकर मिश्रा के गुर्गों ने मोबाइल छीनकर धमकी दी कि यदि उन्होंने शिकायतें करना बंद नहीं किया तो पूरा परिवार बर्बाद कर दिया जाएगा। धमकी के बाद मल्लू ने घर से निकलना बंद कर दिया। लगातार मानसिक तनाव, भय और निराशा ने उसकी हालत बिगाड़ दी और अंततः उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद गांव में गहरा सन्नाटा पसरा है, वहीं किसानों और दलित समुदाय में भारी आक्रोश है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कमला शंकर मिश्रा और उसके गिरोह पर कार्रवाई की होती, तो दिव्यांग दलित की जान बचाई जा सकती थी। किसानों का कहना है कि पिछले दो दशकों से मल्लू न्याय के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन भू-माफिया की पहुँच और राजनीतिक-सामाजिक प्रभाव के चलते उसे न्याय नहीं मिला।दिव्यांग दलित मल्लू के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए भूमाफिया कमला शंकर मिश्रा और उसके सहयोगियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो जिले के कई और किसान इसी तरह अपनी जमीन और सम्मान खो देंगे। सरकार और प्रशासन से न्याय की इस पुकार ने एक बार फिर भूमि माफियाओं की बढ़ती ताकत और प्रशासनिक उदासीनता की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है।

