दुर्दांत भू-माफिया की उल्टी गिनती शुरूराज्य सूचना आयोग की सख्ती से अफसरो के तेवर हुए सख्त!
माफिया के काले कारनामों का हो गया भंडाफोड़!
किसानो की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाला कमला शंकर मिश्रा बेनकाब!
ग्रामसभा पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा!
दिव्यांग दलित मल्लू की जमीन पर कब्जा करने वाला भू-माफिया जाएगा जेल!
भू-माफिया कमला शंकर की वजह से अफसर हों रहें हैं सूचना आयोग में तलब!
सूचना आयोग ने दी चेतावनी शीघ्र उपलब्ध कराई जाए सूचना!
भदोही जनपद के ज्ञानपुर तहसील से जुड़ा मामला! जन सूचना अधिकारीयों से जवाब तलब! राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना नहीं देने पर उपजिलाधिकारी को दी अर्थ दंड और जुर्माना लगाने की चेतावनी
भू-माफिया के इशारे पर सूचना आयोग को नहीं दी जा रही है जानकारी!
समय पर वंचित सूचनाओं उपलब्ध कराने का निर्देश!
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार की आवाज उठाने वालों की हत्याएं क्यों ?
योगी सरकार का बुलडोजर कब गरजेगा ऐसे भू-माफियाओं के खिलाफ!
पत्रकारों और आम लोगों पर क्यों बढ़ रहा जान का खतरा।
भू-माफिया कमला शंकर का आतंक चरम सीमा पर!
भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा का मुँह क्यों नहीं नोंचता बाबा का बुलडोजर!
संयम भारत कार्यालय. सं.। भदोही जनपद का भूमाफिया ज्ञानपुर तहसील का भू-माफिया पूर्व लेखपाल कमला शंकर के काले करनामों का पर्दाफाश होने लगा है। सूचना आयोग की सख्ती से इसके कूटरचित दस्तावेज सामने आ गए हैं। इसके वीरुद्ध इतने अभिलेख प्रमाण सामने आ चूके हैं कि दिव्यांग दलित दलित मल्लू की जमीन हडपने के आरोप मे अन्दर जाएगा। यही नहीं ग्राम समाज पंचायत भवन और सरकारी जमीनओं पर कब्जा करने के करण ज्ञानपुर तहसील प्रशासन भी इसके विरुद्ध हो गया है और उसकी जांच शुरू हो गई है। भदोही जनपद के ज्ञानपुर तहसील में भूमाफिया कमला शंकर मिश्रा का मामला अब गरमाने लगा है। राज्य सूचना आयोग ने जन सूचना अधिकारीयों से शीघ्र सूचनाओं उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तो जुर्माना लगाया जाएगा। सूचना आयोग की सख्ती से अब भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा के काले कारनामों का भंडाफोड़ होने लगा है। भदोही जनपद के ज्ञानपुर तहसील में भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा का आतंक राज चरम सीमा पर है! अपने गुर्गों के माध्यम से ये तहसील के किसानों की जमीन पर कब्जा करने के साथ ही विरोधियों की हत्याएं भी करवाने में जुट गया है! इसके आतंक के चलते किसानों में भारी भय व्याप्त है! यही नहीं इसके बारे में सूचना आयुक्त ने उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर से कमला शंकर मिश्रा के द्वारा कब्जा की गई जमीनों पर बने अविधिक स्कूलों के बारे में ब्यौरा मांगा, तो अभी तक सूचनाओं को उपलब्ध नहीं कराया गया है! सूचना आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर आवेदक करता को सूचनाओं उपलब्ध नहीं कराया तो विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अर्थ दंड भी लगाया जाएगा! उत्तर प्रदेश में क़ानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की नीतियों आम लोगों को बेहद पसंद आती हैं, लेकिन सच्चाई भी यह है कि भ्र्ष्टाचार और गलत लोगों के खिलाफ आवाज उठाने वाले ऐसे लोगों का शिकार बन रहे हैं जिन्हें किसी सरकार और कानून का भय फिलहाल नहीं दिखता है। भदोही इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है जहाँ एक ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्र्ष्टाचार की शिकायत करने पर कमलाकांत दुबे की आर्टिगा से कुचल कर बुधवार की रात हत्या कर दी जाती है। इसके अलावा सीतापुर, लखनऊ, प्रयागराज, आदि जगहों पर पत्रकार की हत्या से भी सवाल उठता है।भदोही में बुधवार की रात धसकरी गाँव में ग्राम प्रधान मनीष यादव के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की शिकायत करने पर बुधवार की रात मेडिकल स्टोर्स संचालक कमलाकांत दुबे की आर्टिगा कार से धक्का मार कर हत्या कर दी गईं। पुलिस सीसी फुटेज के आधार पर आरोपी ग्राम प्रधान समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। क्या इस तरह के जघन्य अपराध सजा सिर्फ इतनी है। क्या ऐसे दबंग लोगों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन होगा।भदोही कोतवाली के धसकरी गाँव में कमलाकान्त दुबे मेडिकल स्टोर्स संचालित करते थे। बुधवार की रात दवा की दुकान को बंद कर घर जा रहे थे इसी दौरान एक आर्टिगा कार मुख्य सड़क से उनके दुकान पर चढ़ कर धक्का मार दिया। ईलाज के लिए परिजन उन्हें अस्पताल लेकर जा रहे थे इसी दौरान उन्होंने रास्ते में दमतोड़ दिया।प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में कुछ दिन पूर्व मीडियाकर्मी 50 वर्षीय एल.एन. सिंह उर्फ पप्पू की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थीं। यह वारदात धरनास्थल पुलिस चौकी के पास स्थित हर्ष होटल के सामने रात करीब 10.30 बजे हुई, जहां पप्पू पर अचानक हमला कर दिया गया। लहूलुहान हालत में उन्हें एसआरएन अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलांकि एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ अजयपाल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने एक हत्यारोपी विशाल को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली भी लगी थीं। क्या एक पत्रकार के जान की क़ीमत सिर्फ इतनी है।प्रयागराज में पत्रकार हत्याकांड के बाद भदोही में भी पत्रकारों के ऊपर जानलेवा हमले का खतरा मडरा रहा है। भदोही जनपद का चर्चित भू माफिया कमला शंकर मिश्रा जो कि अपराधी माफिया सरगना के लिए काम करता है। उसके खिलाफ लगातार समाचार प्रकाशित होने के कारण वरिष्ठ पत्रकार आचार्य श्रीकांत शास्त्री के ऊपर ज्यादा खतरा है। पत्रकार का आरोप है कि भू-माफिया कमला शंकर पत्रकार शास्त्री के ऊपर कभी भी जानलेवा हमला करवा सकता है। क्योंकि वे लगातार उसके विरुद्ध समाचार प्रकाशित हो रहा हैं। भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा अपने विरुद्ध छप रही खबरों के कारण बौखलाया हुआ है। प्रशासन ने अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की तो प्रयागराज की तरह भदोही जनपद में भी इस तरह की दूसरी वारदात हो सकती है। सम्मानित लोगों ने मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के आला अधिकारियों को पत्र भेजकर पत्रकार शास्त्री की सुरक्षा की मांग की है। सवाल उठता है कि पत्रकार या आम लोग जो इंसाफ, भ्र्ष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं वे सुरक्षित नहीं हैं। बाहुबली, माफिया भारी पड रहे हैं। जिसकी वजह से इस तरह की लड़ाई लड़ने वाले कमजोर पड़ रहे हैं। व्यवस्था में बैठे अधिकांश जिम्मेदार लोग ऐसे गलत लोगों का साथ दे रहे हैं जिससे भ्र्ष्टाचार की लड़ाई कमजोर पड़ रहीं है। सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ भी बुलडोजर की सख्त कार्रवाई होनीचाहिए।

