Bhadohi NewsBreaking NewsIndia

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी, भदोही के ज्ञानपुर में भू-माफिया के कब्ज़े पर प्रशासन क्यों मौन?

विशेष संवाददाता भदोही, संयम भारत, ज्ञानपुर तहसील के ग्राम इटहरा में भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा द्वारा ग्राम सभा की जमीन पर किए गए अवैध कब्ज़े को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। ग्राम सभा ने उप जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया है और लगातार शिकायतें भी भेजी हैं, लेकिन अब तक कब्ज़ा हटाने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर कोई अग्रिम कार्यवाही नहीं की गई। इससे यह बड़ा सवाल पैदा होता है कि हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बावजूद भदोही में कानून का पालन कौन करेगा?हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी जमीनों से 90 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाया जाए और जो अधिकारी कार्रवाई में विफल रहें, उनके खिलाफ विभागीय व आपराधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। ग्राम प्रधान को भी ग्राम पंचायत की संपत्ति का संरक्षक माना गया है, और यदि वह भू-माफिया के विरुद्ध सूचना नहीं देता है तो उसके खिलाफ डीएम द्वारा कार्रवाई अनिवार्य है। लेकिन ग्राम इटहरा में ग्राम प्रधान तक अधिकारियों की लगातार शिकायतों के बावजूद चुप्पी साधे बैठे हैं, जिससे उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं।न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने अपने आदेश में कहा कि अतिक्रमणकारियों पर हर्जाना लगाया जाए और आवश्यक हो तो दोषी लेखपाल, तहसीलदार, एसडीएम सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। फुटपाथ, सड़क, रास्ते या सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का निजी कब्ज़ा कानूनन अपराध है और इससे लोगों के जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान पर व्यापक असर पड़ता है। इसीलिए अदालत ने अतिक्रमण को ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत तत्काल हटाने का निर्देश दिया है।भदोही में ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की उदासीनता के कारण भू-माफिया को संरक्षण मिलता दिखाई दे रहा है। मुकदमा दर्ज होने और शिकायतों के बावजूद तहसीलदार व लेखपाल द्वारा समयसीमा के भीतर रिपोर्ट और कार्रवाई न किया जाना कोर्ट के आदेश की सीधी अवमानना है। हाईकोर्ट ने पहले ही चेतावनी दी है कि 90 दिन में कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों को कदाचार का दोषी माना जाएगा।कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि जिन अधिकारियों ने अतिक्रमण की सही रिपोर्ट नहीं दी, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही जरूरी है। ऐसे मामलों में एसडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम बनाकर मौके का निरीक्षण करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश भी दिया गया है। इसके बावजूद ग्राम सभा इटहरा में अवैध कब्ज़ा जस का तस बना हुआ है, जो प्रशासन की नीयत पर प्रश्नचिह्न लगाता है।ग्रामीणों ने डीएम, एसडीएम, तहसीलदार से लेकर राज्य के उच्च अधिकारियों तक लगातार शिकायतें भेजी हैं, लेकिन फिर भी अवैध कब्ज़ा हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जब हाईकोर्ट सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को समाज के लिए खतरा मानते हुए कड़े निर्देश जारी कर चुका है, तब भदोही में इन निर्देशों का पालन न होना गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीण अब दीवानी अवमानना की कार्यवाही की तैयारी में हैं ताकि भू-माफिया का कब्ज़ा हटे और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई हो सके।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *