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राज्य सूचना आयोग के सख्त तेवर से भू-माफिया और राजस्व विभाग में मचा हड़कंप

विशेष संवाददाता भदोही, संयम भारत, राज्य सूचना आयोग के सख्त रुख से राजस्व विभाग और भू-माफिया गिरोह में हड़कंप मचा हुआ है। आयोग ने मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिला अधिकारी न्यायिक, उप संचालक चकबंदी, उप जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, माल अभिलेखागार प्रभारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, विद्युत एवं सिंचाई विभाग सहित कई अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दस्तावेज सहित सूचना देने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि समय पर सूचना न देने पर अर्थदंड लगाया जाएगा। जन सूचना अधिकार के तहत भू-माफिया और विभागों के बीच चल रही सांठगांठ का काला सच धीरे-धीरे सामने आने लगा है।भदोही जिले के ज्ञानपुर तहसील का चर्चित भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा अब कानून के शिकंजे में फंसता नजर आ रहा है। इसको बचाने के लिए तहसील और जिला प्रशासन के कुछ भ्रष्ट अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन सूचना आयोग की सख्ती से भू-माफिया के बचाव के सारे रास्ते बंद होते जा रहे हैं। दिव्यांग दलित मल्लू की असमय मौत ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। आयोग ने उप जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी आदि को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और अपीलार्थी को सही सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अधिकारी उपस्थित नहीं होते या सही सूचना नहीं देते हैं, तो उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।राज्य सूचना आयुक्त की सुनवाई में यह बात सामने आई कि कई विभाग भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा की मदद कर रहे हैं और जानबूझकर गलत व भ्रामक सूचनाएं दे रहे हैं। आयोग ने विभागों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए आदेश दिया है कि अपीलार्थी को संपूर्ण सूचना दी जाए और की गई कार्रवाई से आयोग को अवगत कराया जाए। इस कार्रवाई के बाद विभागों में हड़कंप मच गया है। भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह स्पष्ट हो गया है कि विभागीय अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर किसानों की जमीन को अवैध रूप से ट्रांसफर करने में शामिल रहे हैं।दिव्यांग दलित मल्लू पुत्र स्वर्गीय शीतला चमार निवासी इटहरा ग्राम, थाना कोइरौना ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भदोही को प्रार्थना पत्र भेजकर भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा आदि के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि भू-माफिया ने जाति बदलकर और कूट रचित कागजात तैयार कर अनुसूचित जाति की जमीन पर कब्जा कर लिया है। ग्रामसभा के प्रस्ताव और रिकॉर्ड जांच में यह बात साबित हुई कि मनबोध पुत्र स्वर्गीय माता बदल चमार थे, लेकिन भू-माफिया ने कागजों में उन्हें पासी दर्शा दिया। पीड़ित मल्लू ने न्याय की गुहार लगाई, परंतु कार्रवाई न होने से सदमे में उनकी मौत हो गई। अब राज्य सूचना आयोग की सख्ती के बाद पूरे जिले में भू-माफिया और उसे संरक्षण देने वाले अधिकारियों में खलबली मच गई है, और जनता उम्मीद कर रही है कि न्याय अब अवश्य मिलेगा।

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