आधी आबादी के साथ सियासी दलों ने किया छल
भदोही लोकसभा मिर्जापुर से पृथक कर 2009 में भदोही लोकसभा का गठन
मिर्जापुर भदोही लोकसभा के दौरान चार बार सपा ने था महिला को उतारा
स्व.फूलन देवी दो बार बनी थी सांसद, सीमा को मिली थी हार
मिथिलेश द्विवेदी
भदोही, संयम भारत, महिला सशक्तिकरण सभी सरकारों के वादों और टैगलाइन में रहा है। केंद्र सरकार की तमाम योजनाए महिलाओं को सशक्त करने हेतु चलाई जा रही हैं इसके बाद भी भदोही लोकसभा सीट पर महिलाएं राजनीतिक रूप से सशक्त नहीं हो सकी हैं। महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने भदोही के लोकसभा चुनाव में अब तक किसी भी महिला को उम्मीदवार नही बनाया हैं । आजादी के बाद से ही लम्बे समय तक भारतीय राजनीति में एकक्षत्र राज करने वाली कांग्रेस पार्टी ने भी इस मामलें में आधी आबादी से छल किया हैं। पूर्व में मिर्जापुर भदोही लोकसभा सीट के दौरान सिर्फ समाजवादी पार्टी ने ही चार बार महिलाओं की उम्मीदवारी पर दांव खेला हैं बल्कि दो बार भदोही लोकसभा क्षेत्र की जनता ने महिला सांसद को देश की सबसे बड़ी पंचायत में प्रतिनिधित्व करने का मौका भी दिया हैं।मिर्जापुर भदोही संसदीय सीट पर 1996 में भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त को हराकर सदन में पहुँची थी,1998 -99 में हुए लोकसभा चुनाव समाजवादी पार्टी ने दूसरी बार दस्यु सन्दरी को उम्मीदवार बनाया, इस चुनाव में भाजपा के वीरेंद्र सिंह ने फूलन देवी को हराकर पिछली चुनाव के हार का बदला ले लिया।1999 में हुए लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने तीसरी बार फूलनदेवी को उम्मीदवार बनाया, इस चुनाव में फूलनदेवी ने वीरेंद्र सिंह मस्त को शिकस्त दी।वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने ही एक बार फिर ज्ञानपुर के बाहुबली विधायक विजय मिश्रा की पुत्री सीमा मिश्रा को टिकट दिया।हालांकि मोदी लहर में सीमा मिश्रा को हार का सामना करना पड़ा।बसपा के राकेश धर त्रिपाठी को हराकर वीरेंद्र सिंह चौथी बार लोकसभा क्षेत्र भदोही का प्रतिनिधित्व किया।2019 का लोकसभा चुनाव समाजवादी पार्टी ने बसपा के साथ मिलकर लड़ा ।बहुजन समाज पार्टी ने रंगनाथ मिश्रा को टिकट दिया।इस बार के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने यह सीट टीएमसी को दी हैं।टीएमसी ने ललितेश पति त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है।भारतीय जनता पार्टी व बहुजन समाज पार्टी ने अभी अपना उम्मीदवार घोषित नही किया है।भारतीय जनता पार्टी द्वारा भदोही लोकसभा सीट से अब तक महिला प्रत्याशी न उतारा जाना नारी शक्ति बन्दन अधिनियम व महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य पर बड़ा सवाल खड़ा करता हैं।
लोकजनशक्ति पार्टी ने सीमा परिहार को दिया था मौका
भदोही। भदोही लोकसभा सीट से वर्ष 2009 में लोकजनशक्ति पार्टी ने बीहड़ो से तालुक्क रखने वाली दस्यु सुंदरी सीमा परिहार को टिकट देकर मैदान में उतारा था।इस चुनाव बसपा के गोरखनाथ पांडेय सांसद चुने गये थे। प्रमुख दल से न होने की वजह से सीमा परिहार को हार का सामना करना पड़ा।इस पराजय के बाद सीमा परिहार ने दोबारा भदोही की ओर रुख नही किया।
बीजेपी की टूटी नींद फैसला रामभरोसे
भदोही। महिलाओं को प्राथमिकता देने के मामलें में भारतीय जनता पार्टी की नींद टूट गयी हैं।भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उम्मीदवार के तौर पर महिला प्रत्याशी का नाम मांगा हैं।देश की संसद में महिलाओं को लोकसभा ,राज्यसभा व विधानसभा में प्रतिनिधित्व के लिए 33 फीसदी आरक्षण का बिल पास हो गया हैं।2029 से यह बिल लागू भी हो जाएगा।पूर्वांचल में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक भी महिला प्रत्याशी न उतारे जाने की वजह से भाजपा की नींद टूटी हैं। उच्च पदस्थ बीजेपी सूत्रों की माने तो शीर्ष नेतृत्व भदोही की भाजपा नेत्री सपना दुबे के नाम पर विचार कर रही हैं।