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राज्य सूचना आयोग की सख्ती, भू-माफिया पर कार्रवाई की मांग तेज

विशेष संवाददाता भदोही, संयम भारत, भदोही जनपद के ज्ञानपुर तहसील से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ राज्य सूचना आयोग ने उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर के खिलाफ अर्थदंड अधिरोपित करने और जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। वहीं आयोग ने उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर, भदोही के द्वारा दिया गया सूचना की आपत्ति देने के लिए अपील करता को स्पष्ट निर्देश दिया हैं और कहा कि अपील करता 7 दिनों के भीतर अपनी आपत्ती जन सूचना अधिकारी को भेजें एवं राज्य सूचना आयोग को भी अवगत कराए मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद अब तक सूचनाएँ रोके जाने से प्रशासनिक भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।आरोप है कि कुख्यात भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा के इशारे पर उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर,भदोही जानबूझकर सूचना आयोग के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। सूचना आयुक्त ने भू-माफिया द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई जमीनों पर संचालित कथित अवैध स्कूलों का पूरा विवरण मांगा था, लेकिन निर्धारित समय में जानकारी न दिए जाने से संदेह और गहरा गया है। यह स्थिति न केवल RTI कानून की अवमानना है, बल्कि भ्रष्टाचार को संरक्षण देने जैसी प्रतीत होती है।भदोही जनपद में भू-माफिया कमला शंकर मिश्रा का आतंक लगातार बढ़ता बताया जा रहा है। आरोप है कि वह अपने गुर्गों के माध्यम से किसानों और ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जा कर रहा है। शिकायत करने वालों और उसके खिलाफ खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को खुलेआम धमकियाँ दी जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों और मीडिया कर्मियों में भय का माहौल है।इसी कड़ी में हाल ही में भदोही के धसकरी गांव में ग्राम प्रधान के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले मेडिकल स्टोर संचालक कमलाकांत दुबे की आर्टिगा कार से कुचलकर हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या ऐसे जघन्य अपराधों पर सिर्फ गिरफ्तारी ही पर्याप्त है, या दबंगों और माफियाओं पर सख्त बुलडोजर कार्रवाई भी होनी चाहिए।प्रदेश में योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना होती है, लेकिन लगातार हो रही हत्याएँ और पत्रकारों पर हमले व्यवस्था की सच्चाई भी उजागर करते हैं। प्रयागराज, सीतापुर, लखनऊ और अब भदोही की घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि भ्रष्टाचार और माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा अब भी एक बड़ा सवाल बनी हुई है।अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और सरकार समय रहते सख्त कदम उठाएगी, या फिर माफिया और बाहुबलियों के हौसले यूँ ही बुलंद रहेंगे। आमजन और पत्रकारों की सुरक्षा, RTI कानून का सम्मान और भू-माफियाओं पर कठोर कार्रवाई ही इस भय के माहौल को खत्म कर सकती है।

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