उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) एक प्रतिनिधिमंडल ने मिला प्रमुख सचिव सूचना से
संयम भारत संवाददाता व्यूरो,उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) ने पिछले 1 साल के अंदर मुख्यमंत्री से कुछ पत्रकारों की समस्या के लिए अनुरोध किया था, जिसमें कुछ काम हो गए हैं, लेकिन कुछ आवश्यक कार्य रह गए है, उनसे आपको बिंदुवार अवगत करा रहे है।1. पहले तो मैं सरकार को बधाई देता हूं कि आपने पत्रकारों के लिए जो पत्रकार वेलफेयर फण्ड बनाया है, उसमे धनराशि 80 लाख रुपए दी थी उस धनराशि को 5 करोड रुपए करने की कृपा की जाए।2. वरिष्ठ पत्रकारों के पेंशन को लेकर (पुनर्गदित) समिति ने जो कागजात मुख्यमंत्री को दिए थे उस पर अब तक क्या प्रगति हुई है वह समिति को अवगत कराने की कृपा करें।3. जिला मुख्यालय लखनऊ के पत्रकारों को सचिवालय पास के लिए अलग से पास बनवाना पड़ता है वह प्रक्रिया को खत्म करके किया जाए और नियम के आधार परजो नए प्रेस मान्यता कार्ड जनवरी 2026 में जारी हो उसमें राज्य मुख्यालय की तरह ही लखनऊ जिला मुख्यालय के पत्रकारों को सचिवालय में प्रवेश के लिए कार्ड में ही प्रवेश इंगित हो जाए। क्योंकि सचिवालय नियम संग्रह में यह बात अंकित है इसका संज्ञान लिया जाए।4. उत्तर प्रदेश में प्रिंट मीडिया को जारी विज्ञापन दैनिक, साप्ताहिक को विज्ञापन सीधे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से दिए जाएं और एजेंसी को समाप्त किया जाए।क्योंकि एजेंसी लगातार पिछले कई वर्षों से समाचार पत्रों को भुगतीन समय से नहीं कर रही हैं जिससे छोटे समाचार पत्र बंदी के कगार पर है। यह बिंदु बहुत ही महत्वपूर्ण है जब उनको विज्ञापन की धनराशि नहीं मिलेगी तो वह अपने समाचार पत्र कैसे प्रकाशित करेंगे।कृपया इन सभी बिंदुओं पर आप निर्णय लेकर हान सभी पत्रकारों को कृतज्ञ करें। प्रमुख सचिव सूचना एवं गृह संजय प्रसाद से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ पत्रकार प्रभात कुमार त्रिपाठी ने सुशील अवस्थी राजन पर हुए हमले को लेकर उनसे बातचीत हुई उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह पुलिस महानिदेशक से बात करके अभियुक्तों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने के आदेश के लिए कहा साथ ही पुनर्गठन समिति के एक पांच सूत्री ज्ञापन पत्र भी प्रस्तुत किया। और समिति की तरफ से उन्हें अंगवस्त्र और मोमेंटो भी दिया गया उसके साथ ही पांच सूत्री मांग पत्र दिया है जिसमें वेलफेयर फंड को 80 लाख से बढ़कर 5 करोड़ करने का की मांग की है पत्रकार पेंशन पर चर्चा हुई और उसकी सूचना मांगी गई, सबसे बड़ा मुद्दा सुशील अवस्थी राजन का भी है इस पूरे प्रकरण में सुशील अवस्थी के अगर कोई कार्रवाई नहीं होती तो हम सबको लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

